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Tuesday, May 12, 2026
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ईरान संकट से बढ़ी भारत की चिंता, सोना और इलेक्ट्रॉनिक्स आयात पर लग सकती है रोक, पेट्रोल-डीजल महंगे होने के संकेत

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ईरान युद्ध और बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों के कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, गैर-जरूरी आयात पर रोक और डॉलर बचाने जैसे कई आपात कदमों पर विचार कर रही है।

ईरान युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और तेल आयात के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ रही है। इसी वजह से केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच कई दौर की अहम बैठकें हुई हैं।

सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना और रुपये पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित करना है। अधिकारियों के अनुसार, यदि हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो सरकार कुछ अस्थायी लेकिन सख्त आर्थिक फैसले ले सकती है।

पेट्रोल-डीजल महंगे होने की संभावना

सरकार ईंधन की खपत कम करने और आयात बिल को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन युद्ध के बाद पहली बार इस तरह के विकल्प पर गंभीर चर्चा चल रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लगातार महंगा होने से आने वाले दिनों में घरेलू ईंधन कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।

गैर-जरूरी आयात पर लग सकती है सख्ती

विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सरकार सोना, लग्जरी सामान और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे गैर-जरूरी आयात पर प्रतिबंध या अतिरिक्त सख्ती लागू कर सकती है। इसके साथ ही विदेश यात्रा के लिए डॉलर निकासी पर भी अस्थायी नियंत्रण लगाने की संभावना जताई जा रही है।

प्रमुख आर्थिक संकेतकवर्तमान स्थिति
विदेशी मुद्रा भंडार690.7 बिलियन डॉलर
आयात कवर क्षमतालगभग 10-11 महीने
रुपये में गिरावटडॉलर के मुकाबले 5.6%
RBI की नई सीमा100 मिलियन डॉलर दैनिक सीमा

RBI ने बढ़ाई निगरानी

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में बैंकों की सट्टेबाजी सीमा घटाकर 100 मिलियन डॉलर कर दी है। साथ ही आयातकों के लिए करेंसी हेजिंग नियमों में बदलाव और निर्यातकों को डॉलर जल्द देश में लाने के निर्देशों पर भी विचार किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से सार्वजनिक परिवहन अपनाने, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने, सोना खरीदने से बचने और गैर-जरूरी विदेश यात्राएं टालने की अपील की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक तेल संकट और गहराता है तो सरकार को आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए और भी कठोर फैसले लेने पड़ सकते हैं।

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