समाजवादी पार्टी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक कदम उठाने का ऐलान किया है। पार्टी सांसद Dharmendra Yadav ने कहा है कि उनकी पार्टी OBC और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग कोटा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राइवेट मेंबर बिल लाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान महिला आरक्षण व्यवस्था में इन वर्गों के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जो एक बड़ी कमी है। सपा इस कमी को दूर करने के लिए संसद में नया प्रस्ताव पेश करेगी।
संसद में उठ चुका है मुद्दा
धर्मेंद्र यादव ने बताया कि यह मुद्दा पहले भी संसद में उठाया गया था। इस दौरान उनकी और पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav की केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के साथ बहस भी हुई थी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 2023 में महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया था, लेकिन इसके नोटिफिकेशन में देरी पर सवाल उठते हैं। उनके अनुसार, यदि पुराने आंकड़ों के आधार पर ही आरक्षण लागू करना था, तो नए कानून की आवश्यकता पर भी प्रश्न उठता है।
सपा सांसद ने परिसीमन को लेकर भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और असम में परिसीमन के बाद राजनीतिक संतुलन प्रभावित हुआ है।
उनका आरोप है कि इन राज्यों में परिसीमन के बाद विपक्ष की स्थिति कमजोर हुई है, जिससे सरकार की नीति पर संदेह पैदा होता है।
प्राइवेट मेंबर बिल क्या होता है?
प्राइवेट मेंबर बिल वह प्रस्ताव होता है, जिसे कोई भी सांसद पेश कर सकता है जो मंत्री पद पर नहीं होता। आमतौर पर ऐसे बिल जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए लाए जाते हैं।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी संसद में इस बिल के जरिए OBC और मुस्लिम महिलाओं को महिला आरक्षण के तहत अलग से प्रतिनिधित्व दिलाने की मांग करेगी।
आरक्षण पर सरकार का रुख
महिला आरक्षण और संबंधित प्रावधानों को लेकर केंद्र सरकार का रुख पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है। संसद में चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान संविधान में नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा था कि यदि किसी दल को इस मुद्दे पर चिंता है तो वह अपने स्तर पर टिकट वितरण में इसका ध्यान रख सकता है।




















