पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi के एक अनौपचारिक ठहराव ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। झाड़ग्राम में सड़क किनारे एक दुकान पर रुककर उन्होंने झालमुरी खाई, जिसके बाद इस घटना पर सियासत तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘ड्रामा’ करार देते हुए कहा कि यह सब चुनावी फायदे के लिए किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं योजनाबद्ध तरीके से प्रस्तुत की जाती हैं ताकि मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके।
खरीदी 10 रुपये की झालमुरी
रविवार को पुरुलिया, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर और बिश्नुपुर में जनसभाओं को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री का काफिला झाड़ग्राम के कॉलेज मोड़ पर अचानक रुक गया। यहां उन्होंने एक स्थानीय विक्रेता से 10 रुपये की झालमुरी खरीदी।
प्रधानमंत्री ने विक्रेता को भुगतान किया और आसपास मौजूद लोगों के साथ इसे खाया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत भी की।
नमक छोड़कर बनाने को कहा
झालमुरी बनाते समय विक्रेता ने सामग्री के बारे में पूछा तो प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी चीजें डालें, लेकिन नमक न डालें। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए नमक से परहेज की बात कही। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया, जिसे बाद में प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया।
ममता बनर्जी का हमला
ममता बनर्जी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा इस तरह की गतिविधियों को जानबूझकर मंचित करती है। उन्होंने इसे जनता को प्रभावित करने की कोशिश बताया।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी इस मुद्दे को चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि भाजपा समर्थकों ने इसे प्रधानमंत्री का सामान्य जनजीवन से जुड़ाव बताया।
पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
















