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Saturday, April 18, 2026
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चीन के कार्गो विमानों की ईरान में गुप्त लैंडिंग का दावा, ट्रांसपॉन्डर बंद करने से बढ़ी शंका

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मध्य एशिया में तनाव के बीच चीन के चार विमानों के ईरान में उतरने का दावा सामने आया है। ट्रांसपॉन्डर बंद होने की बात ने संदेह बढ़ाया है, हालांकि चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है और किसी आधिकारिक पुष्टि का अभाव है।

मध्य एशिया में जारी तनाव के बीच चीन और ईरान को लेकर एक नया दावा सामने आया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कमेंटेटर Mario Nawfal ने कहा कि चीन के चार कार्गो विमान ईरान में गुप्त तरीके से उतरे। दावा किया गया कि इन विमानों ने लैंडिंग से पहले अपने ट्रांसपॉन्डर बंद कर दिए थे, जिससे उनकी लोकेशन सार्वजनिक ट्रैकिंग सिस्टम से छिपी रही।

इस दावे के सामने आने से पहले चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने अमेरिका को आश्वासन दिया था कि चीन ईरान को किसी भी तरह के हथियारों की आपूर्ति नहीं करेगा। ऐसे में इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

ट्रांसपॉन्डर बंद करने पर विशेषज्ञों की राय

एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि विमानों का ट्रांसपॉन्डर बंद होना सामान्य प्रक्रिया नहीं मानी जाती। उनका मानना है कि यह तकनीकी खराबी कम और ऑपरेशनल या सुरक्षा कारणों से उठाया गया कदम अधिक हो सकता है। लगातार चार विमानों का एक जैसे पैटर्न पर लैंड करना संदेह को और बढ़ाता है।

हालांकि, इस पूरे मामले पर न तो ईरान और न ही चीन की ओर से किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि की गई है। चीन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती बयानबाजी

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने इन रिपोर्टों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि चीन ने ईरान को किसी भी प्रकार की सैन्य या सैटेलाइट सहायता नहीं दी है। वहीं, अमेरिका की ओर से भी इस मुद्दे पर सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने चीन को चेतावनी दी थी कि अगर उसने किसी भी रूप में हस्तक्षेप किया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि चीन ईरान को अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ समर्थन दे सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और युद्धविराम की स्थिति

इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच हालात कुछ हद तक नियंत्रित नजर आ रहे हैं। दोनों देशों ने कमर्शल जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की बात कही है। हालांकि ईरान के खिलाफ नाकेबंदी जारी रहने की जानकारी सामने आई है।

7 अप्रैल को वाशिंगटन और तेहरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की गई थी। इसके बाद इस्लामाबाद में हुई बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। फिलहाल संघर्ष दोबारा शुरू होने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है।

वैश्विक बाजार पर असर

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आई खबरों के बाद वैश्विक बाजार में हल्का सुधार देखा गया है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका और ईरान के बीच आगे होने वाली बातचीत पर टिकी हुई है। क्षेत्रीय तनाव का असर ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ने की आशंका बनी हुई है।

इस पूरे घटनाक्रम में चीन के विमानों को लेकर किए गए दावों की अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इससे पहले से मौजूद तनाव में एक नई परत जुड़ गई है।

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