अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद देश के कई हिस्सों में शोक और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। कश्मीर से लेकर कर्नाटक तक विभिन्न शहरों में लोग सड़कों पर उतरे और अमेरिका व इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की।
इंदौर में शिया समुदाय के लोगों ने गहरा दुख जताया। कई स्थानों पर कैंडल मार्च निकाले गए और पुतले फूंके गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
इंदौर में मातम और भावनात्मक बयान
इंदौर में आयोजित एक सभा में लोगों को संबोधित करते हुए एक मौलाना ने धार्मिक संदर्भों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के निधन को अंत नहीं समझना चाहिए और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शहादत को विशेष स्थान प्राप्त है।
सभा के दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए गए। कुछ वक्ताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर मुस्लिम देशों की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और कई लोग भावुक नजर आए।
कई शहरों में कैंडल मार्च, प्रशासन सतर्क
देश के अलग-अलग हिस्सों में कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने इसे मुस्लिम जगत के लिए बड़ी क्षति बताया।
स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
यूएई में फंसे मध्य प्रदेश के यात्री
पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर यात्रा सेवाओं पर भी पड़ा है। मध्य प्रदेश के 700 से अधिक यात्री संयुक्त अरब अमीरात में फंसे हुए हैं। उड़ानें रद्द होने के कारण वे दुबई और शारजाह हवाई अड्डों पर प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इन यात्रियों में इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेल भी शामिल हैं। संजय शुक्ला ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर वहां की स्थिति की जानकारी दी और प्रधानमंत्री Narendra Modi से सुरक्षित वापसी के लिए मदद की अपील की है।



















