Budget 2026 में सबसे बड़ा बदलाव ITR फाइल करने की तारीख को लेकर किया गया है। जिन लोगों की आमदनी बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिनका टैक्स ऑडिट नहीं होता, उनके लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। सैलरी क्लास के लिए 31 जुलाई की तारीख पहले जैसी ही रहेगी, जबकि टैक्स ऑडिट वालों के लिए 31 अक्टूबर की डेडलाइन बरकरार है।
सरकार ने ITR में गलती सुधारने का भी ज्यादा समय दिया है। अब रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च तक भरी जा सकेगी, लेकिन 31 दिसंबर के बाद फाइल करने पर लेट फीस देनी होगी। पांच लाख रुपये तक की आय वालों पर 1,000 रुपये और इससे ज्यादा आय वालों पर 5,000 रुपये लेट फीस लगेगी।
Budget 2026 में टैक्स ऑडिट को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। ऑडिट रिपोर्ट एक महीने देर से देने पर 75 हजार रुपये और एक महीने से ज्यादा देरी होने पर 1.5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, धारा 148 के नोटिस के बाद भी अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने का मौका दिया गया है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त टैक्स देना होगा।
निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए भी बदलाव हुए हैं। फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग अब महंगी हो गई है, क्योंकि STT की दरें बढ़ा दी गई हैं। दूसरी ओर EPF को लेकर राहत दी गई है। अगर नियोक्ता कर्मचारी का PF योगदान ITR की आखिरी तारीख से पहले जमा कर देता है, तो उसे कर्मचारी की आय नहीं माना जाएगा।
विदेशी संपत्ति और विदेश यात्रा से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। छोटी विदेशी संपत्ति घोषित करने का एक मौका दिया गया है, जिससे कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकेगा। वहीं, ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS की दर 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दी गई है, जिससे विदेश घूमने वालों को सीधी राहत मिलेगी।

















