Government of India ने पश्चिम एशिया संकट और ईरान युद्ध के कारण प्रभावित उद्योगों को राहत देने के लिए बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने ₹1.81 लाख करोड़ की क्रेडिट गारंटी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य उन कंपनियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, जिनका कारोबार वैश्विक तनाव और ऊर्जा संकट के कारण प्रभावित हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इस योजना के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सॉवरेन गारंटी देगी, ताकि वे पात्र कंपनियों को अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध करा सकें। सरकार का मानना है कि इससे कंपनियों को संचालन जारी रखने, रोजगार बचाने और सप्लाई चेन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
यह योजना काफी हद तक कोविड-19 महामारी के दौरान लागू की गई Emergency Credit Line Guarantee Scheme की तर्ज पर तैयार की गई है। उस दौरान MSME सेक्टर को बड़े स्तर पर बिना गारंटी वाले लोन दिए गए थे, जिससे कारोबार को राहत मिली थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस नई योजना से एयरलाइंस, MSME, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन आधारित उद्योगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आयात लागत पर भी दिखाई दे रहा है।

















