पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली All India Trinamool Congress को इस बार सत्ता से बाहर होना पड़ा। लगभग 15 वर्षों तक राज्य की सत्ता संभालने के बाद पार्टी महज 80 सीटों तक सिमट गई, जबकि Bharatiya Janata Party ने 200 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ किया।
इस चुनाव में सबसे बड़ा झटका खुद ममता बनर्जी को लगा, जिन्हें Bhabanipur सीट पर हार का सामना करना पड़ा। यह सीट लंबे समय से उनका गढ़ मानी जाती रही है। इससे पहले भी वह Nandigram में Suvendu Adhikari से हार चुकी थीं। लगातार दूसरी बार अधिकारी से हार को उनके राजनीतिक करियर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
काउंटिंग के दौरान स्थिति लगातार बदलती रही। शुरुआती राउंड में ममता बनर्जी बढ़त बनाती नजर आईं, लेकिन जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, मुकाबला अधिकारी के पक्ष में झुकता गया। सातवें राउंड तक ममता ने बढ़त को काफी बढ़ा लिया था, लेकिन बाद के राउंड में समीकरण तेजी से बदले और अधिकारी ने निर्णायक बढ़त बना ली।
आखिरकार 18वें राउंड के बाद ममता बनर्जी लगभग 11 हजार वोट से पीछे हो गईं और अंत में Suvendu Adhikari ने 15105 वोट से जीत दर्ज की। काउंटिंग के दौरान ममता बनर्जी पांच घंटे तक केंद्र पर मौजूद रहीं, लेकिन परिणाम उनके पक्ष में नहीं गया। इस चुनाव परिणाम ने राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू कर दिया है।

















