दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) की लाभार्थी महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में उज्ज्वला योजना के तहत 1.75 करोड़ से अधिक महिलाएं पंजीकृत हैं, जिन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार हर साल दो बार उज्ज्वला योजना की महिलाओं को फ्री सिलेंडर उपलब्ध कराती है। एक सिलेंडर होली के अवसर पर और दूसरा दिवाली पर। इस बार भी दिवाली से पहले महिलाओं को यह राहत दी जा रही है। इसके लिए किसी अतिरिक्त आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी।
क्या है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई 2016 को उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य गरीब और ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर साफ ईंधन (एलपीजी गैस) उपलब्ध कराना है। अब तक 10 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं। इस योजना के तहत उज्ज्वला लाभार्थियों को एलपीजी सिलेंडर सामान्य कीमत से 300 रुपये सस्ता मिलता है।
हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस योजना के तहत 25 लाख अतिरिक्त मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने को मंजूरी दी है। इसके बाद अब तक दिए गए कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 10.58 करोड़ हो जाएगी। इसके लिए सरकार ने 676 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी है।
क्या मिलता है उज्ज्वला योजना में?
लाभार्थियों को बिना किसी जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन मिलता है। इसमें सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा नली, गैस उपभोक्ता कार्ड (DGCC), पुस्तिका और स्थापना शुल्क शामिल है।
- पहली बार सिलेंडर भराने के साथ चूल्हा भी मुफ्त मिलता है।
- लाभार्थियों को रिफिल या चूल्हे के लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ता।
- लागत का बोझ केंद्र सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां उठाती हैं।
- लाभार्थी चाहें तो 14.2 किलो का बड़ा सिलेंडर या 5 किलो के छोटे सिलेंडर का विकल्प चुन सकते हैं।
सरकार का कहना है कि इस योजना से गरीब महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। खाना बनाने में धुएं से होने वाली बीमारियां कम हुई हैं और अब महिलाएं सुरक्षित व साफ-सुथरे तरीके से एलपीजी का इस्तेमाल कर रही हैं। दिवाली जैसे त्यौहार से पहले फ्री सिलेंडर मिलने से परिवारों पर आर्थिक बोझ भी घटेगा।

















