पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहली ही कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन फैसलों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। नई सरकार के फैसलों का असर सीमा सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे पर सीधे तौर पर देखने को मिल सकता है।
सरकार का सबसे बड़ा फैसला बांग्लादेश सीमा से जुड़े इलाकों को लेकर सामने आया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीमा से लगती जमीन को चरणबद्ध तरीके से सीमा सुरक्षा बल यानी BSF को सौंपा जाएगा, ताकि वहां प्रभावी बाड़बंदी की जा सके। सरकार का मानना है कि इससे अवैध घुसपैठ और सीमा पार गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
सीमा सुरक्षा पर सरकार का बड़ा कदम
राज्य सरकार के अनुसार सोमवार से ही जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन को अगले 45 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने कहा कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
| फैसला | लागू करने की स्थिति |
|---|---|
| BSF को सीमा क्षेत्र की जमीन ट्रांसफर | 45 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य |
| आयुष्मान भारत योजना | तत्काल प्रभाव से लागू |
| शिक्षक भर्ती आयु सीमा | 5 वर्ष की बढ़ोतरी |
| भारतीय न्याय संहिता (BNS) | राज्य में लागू |
आयुष्मान भारत और BNS लागू
नई सरकार ने राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का भी ऐलान किया है। इससे पहले ममता बनर्जी सरकार ने इस केंद्रीय योजना को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया था। अब राज्य के पात्र लोगों को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को भी राहत दी गई है। सरकार ने आयु सीमा में 5 वर्ष की बढ़ोतरी का फैसला किया है। भाजपा नेताओं ने बताया कि यह फैसला चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों के अनुरूप लिया गया है।
शुभेंदु अधिकारी सरकार ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS को भी राज्य में लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक इसे लागू नहीं करना संविधान की भावना के विपरीत था। अब पश्चिम बंगाल में भी देश के अन्य राज्यों की तरह नई आपराधिक न्याय व्यवस्था लागू होगी।
















