राजस्थान के जैसलमेर जिले से सामने आई एक तस्वीर ने पशु संरक्षण व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। जिले के एक इलाके में 500 से ज्यादा गायों के कंकाल और सड़ी हुई लाशें मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और गौशाला संचालन व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों का कहना है कि लंबे समय से इलाके में गायों की खराब हालत को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। कई जगहों पर गायों के शव खुले में पड़े मिले, जिनसे बदबू फैल रही थी।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मृत पशुओं की संख्या काफी अधिक है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
प्राथमिक स्तर पर चारे और पानी की कमी, देखरेख में लापरवाही और बीमारियों को संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पशुपालन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी है। कई संगठनों ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि गौ संरक्षण के बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई गौशालाओं की हालत बेहद खराब है। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन ने इलाके की सफाई और मृत पशुओं के निस्तारण का काम शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास की गौशालाओं और पशु केंद्रों की स्थिति की भी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
















