लोकसभा में मनरेगा का नाम बदलने से जुड़ा विधेयक पेश होते ही सियासी माहौल गरमा गया। सरकार की ओर से पेश किए गए इस बिल में मनरेगा का नया नाम VB-जी राम जी रखने का प्रस्ताव है। जैसे ही इस पर चर्चा शुरू हुई विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपने अधिकार तो बढ़ा रही है लेकिन योजना की फंडिंग लगातार कम की जा रही है।
मजदूरी बढ़ाने पर ध्यान नहीं – प्रियंका
प्रियंका गांधी ने कहा कि हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ से परे है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से सरकार को अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है जबकि मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि बिल में काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करने की बात तो है लेकिन मजदूरी दर बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उनके अनुसार यह विधेयक संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
प्रियंका गांधी ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने पर भी कड़ा एतराज जताया। भाजपा सदस्यों की टोका टोकी पर उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी उनके परिवार के सदस्य नहीं थे लेकिन परिवार जैसे ही थे। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति की इच्छा के आधार पर देश की बड़ी योजना में बदलाव नहीं होना चाहिए। प्रियंका गांधी ने मांग की कि इस विधेयक पर पहले विस्तार से चर्चा हो और फिर इसे दोबारा पेश किया जाए।
तृणमूल कांग्रेस भी बिल के विरोध में
तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत राय ने भी बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम पूजनीय हैं लेकिन मौजूदा समय में महात्मा गांधी की प्रासंगिकता कहीं ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि नए प्रावधानों के तहत योजना की फंडिंग का 40 प्रतिशत बोझ राज्यों पर डाला जा रहा है जबकि पहले यह केवल 10 प्रतिशत था। विपक्ष का कहना है कि इससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ऐसे मंत्री के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने महात्मा गांधी का नाम योजना से हटा दिया। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी इसे महात्मा गांधी का अपमान बताया। विपक्ष ने मांग की है कि इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए और सभी पक्षों की राय के बाद ही इसे आगे बढ़ाया जाए।





















