मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध की आग भड़क उठी है। इजरायल ने शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान पर कई बड़े हमले किए और इस बार अमेरिका भी उसके साथ खड़ा रहा। पहला हमला ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तर के पास हुआ जिसके बाद पूरे ईरान में धमाकों की खबरें आने लगीं और राजधानी तेहरान के आसमान पर धुएं के गुबार उठते देखे गए। ईरानी मीडिया ने देश के कई हिस्सों में हमलों की पुष्टि की।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान जारी करके इन हमलों की पुष्टि की और कहा कि इजरायल और अमेरिका ने मिलकर यह ऑपरेशन ईरान के आतंकवादी शासन से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को खत्म करने के लिए शुरू किया है। उन्होंने ईरान के लोगों से अपील करते हुए कहा कि अब जुल्म का बोझ उतार फेंकने और एक आजाद, शांति चाहने वाले ईरान की स्थापना का समय आ गया है।
इजरायल के नागरिकों से खास अपील
नेतन्याहू ने परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान की इस खूनी सरकार को कभी भी न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी क्योंकि ऐसा हुआ तो पूरी इंसानियत खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने इजरायल के नागरिकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि वे साथ मिलकर लड़ेंगे और इजरायल की हमेशा के लिए रक्षा करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान में बड़े लड़ाकू अभियान शुरू कर दिए हैं। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखे हुए है और अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम मिसाइलें विकसित करने की योजना बना रहा है। उन्होंने भी ईरानी जनता से अपनी सरकार की बागडोर खुद संभालने की अपील की और कहा कि यह देश उन्हीं का है।
ईरान ने जवाबी हमले की चेतावनी दी
इस हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट एक बड़े युद्ध की कगार पर खड़ा नजर आ रहा है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और इजरायल में भी सायरन बज उठे हैं। दुनियाभर के देश इस संघर्ष पर नजर रखे हुए हैं और संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने तत्काल युद्धविराम की अपील की है।





















