हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की शादी हमेशा चर्चा में रही है। दोनों ने करीब पैंतालीस साल साथ बिताए और मुश्किल हालात में भी अपने रिश्ते को निभाया। धर्मेंद्र पहले से शादीशुदा थे और चार बच्चों के पिता थे। ऐसे में हेमा ने अलग घर में रहने का फैसला लिया। उनका ससुराल भी पहली पत्नी के साथ ही रहता था और माहौल आसान नहीं था। यही वजह थी कि हेमा और धर्मेंद्र की जिंदगी सामान्य दंपत्ति जैसी कभी नहीं रही।
धर्मेंद्र के पिता हेमा के घर अक्सर आया करते थे। वह खुशमिजाज स्वभाव के थे और सबको हंसी में शामिल करते थे। हेमा ने अपनी किताब में लिखा है कि उनके ससुर केवल किशन सिंह देओल उनके पिता से चाय पर मिलने आते थे। हाथ मिलाने की जगह वे पंजा लड़ाने की पेशकश करते थे। जीतकर मजाक में कहते कि ताकत घी मक्खन और लस्सी से आती है। उनकी बातों में अपनापन भी था और मजाक भी।
हेमा की सास सतवंत कौर से उनकी पहली मुलाकात भी बहुत खास रही। हेमा उस समय अपनी पहली बेटी एशा देओल को कंसीव कर चुकी थीं। एक दिन वे जुहू के डबिंग स्टूडियो में काम कर रही थीं। तभी अचानक सतवंत कौर उनसे मिलने पहुंचीं। उन्होंने घर में किसी को नहीं बताया था कि वे हेमा से मिलने जा रही हैं।
हेमा ने लिखा है कि उन्होंने सास के चरण छुए और सास ने उन्हें गले लगाकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा बेटा हमेशा खुश रहो। उस पल ने हेमा का दिल जीत लिया था और उन्हें लगा कि सास का मन उनके लिए साफ है। हेमा ने माना कि यह मुलाकात उनके लिए भावुक भी थी और राहत देने वाली भी।
धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन हेमा मालिनी अक्सर पुराने दिनों को याद करती हैं। उन्होंने कहा था कि अब जिंदगी उनकी यादों के साथ ही चल रही है। शादी आसान नहीं थी और रास्ते कठिन थे लेकिन परिवार का प्यार उन्हें हमेशा ताकत देता रहा।





















