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Friday, April 24, 2026
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गुवाहाटी हाई कोर्ट से पवन खेड़ा को झटका, मुख्यमंत्री की पत्नी पर आरोपों के मामले में कोर्ट की सख्त टिप्पणी, हिरासत में पूछताछ जरूरी

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गुवाहाटी हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा से जुड़े आरोपों पर आधारित है। खेड़ा ने दावा किया था कि उनके पास कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं।

जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की एकल पीठ ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में हिरासत में पूछताछ आवश्यक है और आरोपों के समर्थन में पर्याप्त प्रमाण अभी तक प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह केवल सामान्य मानहानि का मामला नहीं है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि एक निर्दोष महिला को राजनीतिक विवाद में शामिल किया गया है, जो गंभीर विषय है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आरोप सीधे मुख्यमंत्री के खिलाफ होते, तो इसे राजनीतिक बयान माना जा सकता था। लेकिन किसी तीसरे व्यक्ति को इसमें शामिल करना अलग स्थिति पैदा करता है।

सबूतों पर कोर्ट का सवाल

पीठ ने कहा कि पवन खेड़ा अब तक यह साबित नहीं कर पाए हैं कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास अन्य देशों के पासपोर्ट हैं। साथ ही विदेश में कंपनी और निवेश से जुड़े आरोप भी ठोस रूप से सिद्ध नहीं किए गए हैं।

अदालत ने माना कि जांच एजेंसियों को यह जानने की जरूरत है कि इन आरोपों के लिए दस्तावेज किसने जुटाए और इसमें कौन लोग शामिल थे।

पहले ट्रांजिट जमानत और आगे की प्रक्रिया

इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने खेड़ा को सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गुवाहाटी हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया था।

खेड़ा ने सोमवार को याचिका दाखिल की थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई और फैसला सुरक्षित रखा गया था। शुक्रवार को अदालत ने आदेश सुनाया।

इन आरोपों के बाद मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत पवन खेड़ा और अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और अदालत के आदेश के बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज होने की संभावना है।

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