Rohit Sharma Celebration: वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में 101 रन बनाकर रोहित शर्मा ने अपना 35वां वनडे शतक पूरा किया। शतक के लिए सिंगल लेते हुए वह उछलकर नॉन-स्ट्राइकर छोर तक पहुंचे। मैच के बाद इस जश्न के बारे में पूछे जाने पर रोहित ने कहा कि यह उनके लिए निजी पल था और कुछ बातें वह अपने तक रखना चाहते हैं।
वेस्टइंडीज ने भारत को 406 रन का लक्ष्य दिया था। रोहित ने शुभमन गिल के साथ पहले विकेट के लिए 255 रन जोड़े। रोहित के मुताबिक, इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय लंबी साझेदारी जरूरी थी। दोनों ने स्कोरबोर्ड पर लगातार ध्यान देने के बजाय बल्लेबाजी जारी रखने और गेंद के हिसाब से खेलने पर जोर दिया।
शतक के बाद जश्न पर रोहित का जवाब
रोहित ने अपने जश्न को किसी बाहरी संदेश या टीम के लिए संकेत नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह पल सिर्फ उनके लिए था।
406 रन के लक्ष्य में गिल के साथ साझेदारी
गिल की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए रोहित ने कहा कि पूरी पारी में उनका अपने खेल पर अच्छा नियंत्रण था। रोहित के अनुसार, विकेट बल्लेबाजी के अनुकूल था और शीर्ष क्रम से बड़े योगदान की जरूरत थी। गिल के साथ उनकी 255 रन की साझेदारी ने भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
रोहित ने यह भी कहा कि पहली पारी में लंबे समय तक क्षेत्ररक्षण के बाद गर्मी और उमस में बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। ऐसी परिस्थितियों में विकेट बचाए रखना चुनौती हो सकता है। उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल कर जल्दबाजी में विकेट गंवाने से बचने और जितनी देर संभव हो, पारी में बने रहने की कोशिश की।
रोहित ने शीर्ष क्रम के योगदान को भारत की जीत का निर्णायक आधार बताया। गुवाहाटी में उनका शतक और गिल के साथ लंबी साझेदारी बड़े लक्ष्य के दबाव को संभालने में अहम रहे।
















