Himachal Citizenship Case: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू की शीतला देवी के पासपोर्ट आवेदन के मामले में राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर नई पुलिस सत्यापन रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। अदालत ने नागरिकता अधिनियम की धारा 3 का उल्लेख करते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्मा व्यक्ति जन्म से भारतीय नागरिक माना जाएगा।
शीतला देवी का पासपोर्ट आवेदन प्रतिकूल पुलिस रिपोर्ट के चलते रुका हुआ था। अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए नई रिपोर्ट देने को कहा। इसके बाद पासपोर्ट प्राधिकारी कानून के अनुसार आवेदन पर विचार कर सकता है। हाईकोर्ट ने पासपोर्ट जारी करने का सीधा आदेश नहीं दिया।
पुलिस रिपोर्ट में अलग-अलग दावे
शीतला देवी कुल्लू जिले के पतलीकूहल की निवासी हैं। उन्होंने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, लेकिन शिमला स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने पुलिस की प्रतिकूल रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रक्रिया रोक दी। उस रिपोर्ट में उन्हें नेपाली नागरिक बताया गया था।
मामले में उपमंडलीय मजिस्ट्रेट, मनाली की ओर से पेश रिपोर्ट में तहसीलदार और ग्राम पंचायत के हवाले से कहा गया कि शीतला देवी और उनका परिवार नेपाल के स्थायी निवासी हैं।
वहीं, पिछली पुलिस जांच में स्थानीय पंचायत प्रधान ने शीतला देवी को भारतीय नागरिक बताया था और पतलीकूहल में उनके रहने की पुष्टि की थी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में पंचायत का जारी जन्म प्रमाणपत्र भी पेश किया गया। उसमें उनका जन्म 3 मई 1972 को पतलीकूहल, मनाली में दर्ज है।
नागरिकता कानून और हाईकोर्ट का निर्देश
न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की अदालत ने रिकॉर्ड और नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधान पर विचार किया। धारा 3 के तहत तय अवधि में भारत में जन्मे व्यक्ति को जन्म से नागरिकता मिलने का प्रावधान है। शीतला देवी की ओर से पेश प्रमाणपत्र में जन्मतिथि इसी अवधि के भीतर दर्ज है।
अदालत का आदेश नई पुलिस सत्यापन रिपोर्ट देने तक सीमित है। राज्य सरकार को दो सप्ताह में नया सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद पासपोर्ट कार्यालय नई रिपोर्ट और लागू कानून के आधार पर आवेदन पर फैसला कर सकेगा।

















