दिल की सेहत के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, जरूरी स्वास्थ्य जांच, तंबाकू से दूरी और पर्याप्त नींद को दिनचर्या में शामिल करना अहम है। वर्ल्ड हार्ट डे से पहले कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ग्यांती आरबी सिंह ने इन पांच आदतों पर ध्यान देने की सलाह दी है।
उनके मुताबिक, कभी-कभार कसरत या जांच करा लेना काफी नहीं है। खानपान, दिनभर की सक्रियता, नींद और तनाव पर नियमित ध्यान देना चाहिए। ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर शुरुआती दौर में कई बार खास लक्षण महसूस नहीं होते, इसलिए नियमित देखभाल जरूरी है।
खानपान और शारीरिक गतिविधि पर दें ध्यान
1. संतुलित भोजन: खाने में सब्जियों, फलों, साबुत अनाज, दालों, मेवों और बीजों को शामिल करने की कोशिश करें। नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा वाली चीजों का सेवन सीमित रखें। घर का बना भोजन चुनें और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ, बहुत तली चीजें या मीठे पेय रोज की आदत न बनाएं।
2. रोज की गतिविधि: सक्रिय रहने के लिए हर दिन कठिन कसरत जरूरी नहीं है। तेज चलना, साइकिल चलाना, तैरना या अपनी पसंद की सामान्य गतिविधि चुन सकते हैं। छोटी दूरी पैदल तय करना, लिफ्ट के बजाय सीढ़ियां लेना और लंबे समय तक बैठे रहने के बीच उठकर चलना भी गतिविधि बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके हैं।
खाने की मात्रा पर भी ध्यान दें। जरूरत से ज्यादा खाने से वजन बढ़ सकता है, जिसका असर दिल की सेहत पर पड़ता है। हर व्यक्ति की आहार संबंधी जरूरतें अलग हो सकती हैं; बदलाव के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
जांच, तंबाकू से दूरी और नींद भी अहम
3. जरूरी स्वास्थ्य जांच: उम्र, परिवार में बीमारी के इतिहास और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर डॉक्टर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और वजन की जांच की सलाह दे सकते हैं। पहले से कोई दवा ले रहे हों, तो उसे अपनी मर्जी से बंद न करें और न ही उसकी मात्रा बदलें। परेशानी होने पर डॉक्टर से बात करें।
4. तंबाकू से दूरी: सिगरेट और तंबाकू के दूसरे उत्पाद रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और हृदय रोग तथा स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकते हैं। धूम्रपान करने वालों के लिए इसे छोड़ना सेहत के लिहाज से फायदेमंद है। दूसरों के धुएं से भी बचने की कोशिश करें। शराब को दिल स्वस्थ रखने का तरीका न मानें; सेवन करते हों तो अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लें।
5. पर्याप्त नींद और तनाव पर ध्यान: लगातार कम नींद और अधिक तनाव का असर ब्लड प्रेशर, खानपान और रोज की गतिविधियों पर पड़ सकता है। सोने और जागने का समय नियमित रखने की कोशिश करें। तनाव संभालने के लिए टहलना, योग, सांस के व्यायाम, पसंद का काम करना या परिवार के साथ समय बिताना मददगार हो सकता है।
डॉ. सिंह की सलाह है कि हर दिन सब कुछ बिल्कुल सही करने के बजाय ऐसे छोटे बदलावों पर ध्यान दें जिन्हें लंबे समय तक अपनाया जा सके। पहले से कोई बीमारी हो या दवा चल रही हो, तो दिनचर्या में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।




















