दही का स्वाद खट्टा होने पर उसे अक्सर फेंक दिया जाता है, जबकि कुछ व्यंजनों में यही खट्टापन काम आ सकता है। इडली-डोसा और ढोकला के बैटर से लेकर कढ़ी और मैरिनेशन तक, खट्टी दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे रसोई में उपलब्ध सामग्री का उपयोग भी हो जाता है और अलग से कुछ चीजें जुटाने की जरूरत कम पड़ सकती है।
हालांकि, खट्टा होना और खराब हो जाना एक बात नहीं है। दही से असामान्य गंध आए, उसका रंग या बनावट बदली हुई लगे अथवा उसके खराब होने का संदेह हो, तो उसे खाने या त्वचा पर लगाने से बचें। पैकेट वाली दही के मामले में पैक पर दी गई तारीख और भंडारण संबंधी निर्देश भी देखें।
खाना बनाने में खट्टी दही के तीन तरीके
इडली या डोसा का घोल बनाते समय थोड़ी खट्टी दही मिलाई जा सकती है। दही का खट्टापन बैटर के स्वाद में योगदान देता है। इसे घोल में अपनी रेसिपी के अनुसार मिलाएं और बाकी सामग्री तथा तैयारी की विधि का ध्यान रखें।
कढ़ी में खटास के लिए कई लोग छाछ का इस्तेमाल करते हैं। उपलब्ध खट्टी दही को पानी के साथ फेंटकर कढ़ी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे अलग से छाछ लेने की जरूरत नहीं पड़ सकती; दही की मात्रा और पानी का अनुपात अपनी पसंद के स्वाद और कढ़ी की बनावट के मुताबिक रखें।
ढोकले के बैटर में भी खट्टी दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। खासकर घर पर ढोकला बनाते समय दही बैटर में स्वाद और खट्टापन जोड़ती है। इसे रेसिपी में बताई मात्रा के अनुसार मिलाएं और बैटर को पकाने से पहले अच्छी तरह तैयार करें।
ग्रेवी, पनीर और मैरिनेशन में इस्तेमाल
पनीर की ग्रेवी या दूसरी सब्जियों की करी में दही मिलाने से स्वाद में खट्टापन आता है। इसे मसालों के साथ मिलाकर ग्रेवी तैयार की जा सकती है। दही डालते समय आंच और लगातार चलाने का ध्यान रखें, ताकि वह फटे नहीं। इस्तेमाल की मात्रा पकवान और दही की खटास के मुताबिक रखें।
पनीर घर पर बनाते समय भी खट्टी दही का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा चिकन या मटन को मैरिनेट करने के लिए दही इस्तेमाल होती है; खट्टी दही को मसालों के साथ मैरिनेशन में मिलाया जा सकता है। इससे पकवान में खट्टापन आएगा। मांसाहारी भोजन के लिए साफ-सफाई और सही तरीके से रखने के नियमों का पालन करें।
किसी भी व्यंजन में खट्टी दही डालने से पहले थोड़ी मात्रा चखकर या देखकर तय करें कि उसका स्वाद बाकी सामग्री के अनुकूल है या नहीं। बहुत ज्यादा खट्टा स्वाद पकवान का संतुलन बदल सकता है, इसलिए इसे धीरे-धीरे मिलाना बेहतर है।
बालों और त्वचा पर लगाने से पहले रखें सावधानी
दही को घरेलू तौर पर बालों पर कंडीशनिंग के लिए और त्वचा पर फेस पैक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। बालों के लिए दही में आधा नींबू मिलाकर लगाने का सुझाव दिया जाता है, जबकि त्वचा के लिए इसे बेसन के साथ मिलाया जा सकता है। ऐसे घरेलू नुस्खों के असर की गारंटी नहीं होती और हर व्यक्ति की त्वचा या बालों पर प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
ब्यूटी इस्तेमाल के लिए बहुत पुरानी या खराब हो चुकी दही न लगाएं। नींबू या दही से जलन होने की आशंका हो सकती है, इसलिए चेहरे या सिर पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा आजमाना उचित है। खुजली, लालिमा या जलन महसूस हो तो तुरंत धो दें और इस्तेमाल रोक दें। संवेदनशील त्वचा या किसी त्वचा संबंधी समस्या में विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
खट्टी दही का उपयोग उसकी हालत और पकवान के अनुरूप ही करें। सही तरह से रखी और खराब न हुई दही को खाना बनाने के कुछ तरीकों में शामिल किया जा सकता है, लेकिन केवल उसे बचाने के लिए खराब खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है।




















