प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है, जबकि पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि गिरफ्तारी किस मामले में की गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में भ्रष्टाचार और उज्जैन जमीन मामले को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की थी। उनका आरोप है कि इसी वजह से सरकार ने दबाव बनाने के लिए उनके भाई नाना पटवारी को गिरफ्तार कराया है।
इस मामले को लेकर राज्यसभा सांसद विवेक तनखा ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इंदौर पुलिस ने नाना पटवारी को बिना किसी पूर्व सूचना के हिरासत में लिया। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि परिवार को यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें किस स्थान पर ले जाया गया है। तनखा ने पुलिस से ऐसी कार्रवाई से बचने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की परंपरा भविष्य में गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकती है।
पहले भी हो चुके हैं गिरफ्तार
नाना पटवारी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास का एक मामला और जमीन विवाद से जुड़ा एक अन्य केस शामिल है। हालांकि, इस बार की गिरफ्तारी किस प्रकरण में हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा की।
यह पहला मौका नहीं है जब नाना पटवारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया हो। विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस समय उन पर सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने का आरोप था।
इसके अलावा, पिछले वर्ष तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में भी नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मामला दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखे से कब्जा करने की कोशिश की गई थी।
फिलहाल पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताकर सरकार को घेर रही है।


















