भोपाल की ऐक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में अब जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI के हाथों में है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने कहा कि उसे पूरा भरोसा है कि सीबीआई इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करेगी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि संस्थागत पक्षपात की आशंकाएं सामने आने के बाद राज्य सरकार ने बिना देरी किए जांच सीबीआई को सौंप दी। अदालत ने इसे सही कदम बताया।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने पहले ही CBI जांच की सिफारिश कर दी थी और सोमवार को केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में औपचारिक FIR भी दर्ज कर ली है।
सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया ट्रायल से बचने को कहा
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि वह सुनिश्चित करेगी कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, स्वतंत्र और बिना किसी पूर्वाग्रह के हो। अदालत ने पीड़ित और आरोपी दोनों पक्षों के परिवारों से अपील की कि वे मीडिया में बयान देने से बचें और अपनी बात सीधे जांच एजेंसी के सामने रखें।
बेंच ने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर लगातार बयानबाजी से जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने मीडिया से भी संयम बरतने और जांच पूरी होने तक दोनों पक्षों से अनावश्यक बातचीत से बचने की सलाह दी।
12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात भोपाल स्थित ससुराल में मौत हो गई थी। ट्विशा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं और उन्होंने समर्थ सिंह से प्रेम विवाह किया था। दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी।
ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से उसे दहेज और अन्य कारणों से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी आधार पर CBI ने पति समर्थ सिंह और उसकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है।
घटना के बाद समर्थ सिंह फरार बताया गया था। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर किया। CBI ने उससे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ट्विशा की सास से भी पूछताछ की जा सकती है।
















