बिहार की राजनीति में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को बिहार विधान परिषद की विधानसभा कोटे की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और एक रिक्त सीट पर उपचुनाव कराने का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया। घोषणा के बाद राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
विधानसभा के मौजूदा संख्याबल को देखते हुए कई सीटों के परिणामों को लेकर राजनीतिक विश्लेषक अनुमान लगा रहे हैं, लेकिन उम्मीदवारों के चयन को लेकर सभी दलों के भीतर हलचल बढ़ गई है। टिकट पाने के लिए नेताओं के बीच लॉबिंग भी तेज हो गई है।
इन नेताओं की सीटों पर होगा चुनाव
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार जिन विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मोहम्मद फारुख, भीष्म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय प्रकाश, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं।
इन सभी 9 सीटों पर नए सदस्यों के चुनाव के लिए विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करेंगे। माना जा रहा है कि सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों अपने राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार तय करेंगे।
नीतीश कुमार की सीट पर सबकी नजर
नियमित चुनावों के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा। इस सीट को लेकर राजनीतिक गलियारों में विशेष चर्चा है क्योंकि यह सीट राज्य की राजनीति में काफी अहम मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस उपचुनाव के जरिए दल अपने आगामी राजनीतिक समीकरणों का संकेत देने की कोशिश कर सकते हैं। एनडीए और महागठबंधन दोनों की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 1 जून 2026 को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 जून को मतदान कराया जाएगा। वोटिंग समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना कर परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।

















