देश में बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों और पश्चिम एशिया संकट के बीच आर्थिक मोर्चे पर लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं पहले से चल रही थीं, लेकिन अब सरकार और रिजर्व बैंक के बयानों के बाद इन अटकलों को और बल मिल गया है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि तेल कंपनियां कब तक लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और LPG बेच सकती हैं, इसका आकलन करना जरूरी है। हालांकि उन्होंने कीमतें बढ़ाने को लेकर कोई सीधा संकेत नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि भारत के पास फिलहाल लगभग 60 दिन का कच्चे तेल का भंडार, 60 दिन का LNG स्टॉक और करीब 45 दिन का LPG भंडार मौजूद है।
RBI गवर्नर ने भी जताई आशंका
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्विट्जरलैंड में कहा कि यदि पश्चिम एशिया का संकट लंबे समय तक जारी रहता है तो सरकार को ईंधन कीमतों का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा और उर्वरक आयात पर काफी निर्भर है और वैश्विक बाधाओं का असर अब दिखाई देने लगा है।
| हालिया बड़े फैसले | असर |
|---|---|
| सोना-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ी | विदेशी मुद्रा बचाने की कोशिश |
| चीनी निर्यात पर रोक | घरेलू कीमतें नियंत्रित करने की तैयारी |
| अमूल दूध महंगा | उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ी |
| WFH और ऑनलाइन क्लासेज की अपील | ईंधन बचत पर जोर |
सोना महंगा, चीनी एक्सपोर्ट बंद
सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। वहीं प्लैटिनम पर भी ड्यूटी बढ़ाई गई है। सरकार का उद्देश्य गैर-जरूरी आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना बताया जा रहा है।
इसके अलावा चीनी के निर्यात पर भी तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक रोक लगा दी गई है। सरकार का कहना है कि घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अमूल दूध भी हुआ महंगा
अमूल ने भी दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के अनुसार पशु आहार, पैकेजिंग और ईंधन की लागत बढ़ने के कारण कीमतों में बदलाव करना पड़ा।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने और गैर-जरूरी खर्च कम करने की अपील कर चुके हैं। लगातार हो रहे इन फैसलों और अपीलों के बीच अब लोगों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।

















