विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हंता वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर वैश्विक स्तर पर सतर्कता बढ़ाने की अपील की है। WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा है कि वायरस की लंबी ऊष्मायन अवधि और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के कारण आने वाले दिनों में और मामले सामने आ सकते हैं। हालांकि WHO ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल इसे कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी का संकेत नहीं माना जा रहा है।
हालिया चिंता का केंद्र डच क्रूज जहाज MV Hondius बना हुआ है, जहां हंता वायरस संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जहाज पर अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई यात्रियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
क्या है हंता वायरस और कैसे फैलता है?
हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृन्तकों के मूत्र, मल या लार के संपर्क से फैलने वाला संक्रमण है। संक्रमित सतहों या दूषित हवा के संपर्क में आने पर इंसान संक्रमित हो सकते हैं। दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले एंडीज स्ट्रेन को लेकर ज्यादा चिंता जताई जा रही है क्योंकि यह दुर्लभ मामलों में व्यक्ति से व्यक्ति में भी फैल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में हंता वायरस के कुछ स्ट्रेन गंभीर श्वसन रोग पैदा करते हैं, जिसे हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) कहा जाता है।
क्या कोविड जैसा है खतरा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हंता वायरस कोविड-19 से काफी अलग है। कोविड हवा के जरिए तेजी से फैलता था, जबकि हंता वायरस में संक्रमण के लिए लंबा और करीबी संपर्क जरूरी माना जाता है। इसके अलावा यह वायरस अपेक्षाकृत धीमी गति से बदलता है, इसलिए इसके अचानक अत्यधिक संक्रामक बनने की आशंका कम है।
WHO और यूरोपीय स्वास्थ्य एजेंसियों ने कहा है कि मौजूदा प्रकोप फिलहाल सीमित समूह तक ही केंद्रित है और सामुदायिक स्तर पर तेजी से फैलने के संकेत नहीं मिले हैं।
यात्रियों और लोगों के लिए सलाह?
WHO ने देशों से एयरपोर्ट, बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने को कहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को साफ-सफाई रखने, कृन्तकों से दूरी बनाए रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
















