Tata Consultancy Services की नासिक यूनिट से जुड़े मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। एचआर हेड Nida Khan ने स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है।
निदा खान फिलहाल गिरफ्तारी से बच रही हैं और उनके परिवार के अनुसार वह मुंबई में मौजूद हैं। अपनी याचिका में उन्होंने गर्भवती होने का हवाला देते हुए राहत की मांग की है। इस बीच पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) उन्हें हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है।
पुलिस इस मामले में अब तक दर्ज 9 शिकायतों की जांच कर रही है। इन शिकायतों में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोप शामिल हैं। यह घटनाक्रम फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच का बताया गया है।
आठ महिला कर्मचारियों की शिकायत के आधार पर SIT का गठन किया गया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वरिष्ठ कर्मचारियों ने मानसिक और यौन शोषण किया और एचआर विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया।
एचआर की भूमिका पर सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि जब पीड़ित कर्मचारियों ने एचआर से संपर्क किया, तो उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की गई।
पुलिस के अनुसार, कुछ मामलों में कर्मचारियों पर दबाव बनाने और उनके साथ अनुचित व्यवहार के आरोप भी सामने आए हैं। एक पुरुष कर्मचारी पर धार्मिक गतिविधियों के लिए दबाव डालने की भी बात जांच में शामिल है।
इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में कई कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी पहचान पुलिस ने सार्वजनिक की है।
एक महिला एचआर अधिकारी को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि निदा खान की भूमिका को लेकर जांच जारी है और उन्हें मुख्य आरोपियों में शामिल माना जा रहा है।
कंपनी का पक्ष
इस पूरे मामले पर Tata Consultancy Services ने कहा है कि वह कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर कायम है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है और कर्मचारियों की सुरक्षा व गरिमा उसकी प्राथमिकता है।

















