दिल्ली में LPG संकट का असर अब गरीबों के लिए शुरू की गई अटल कैंटीन योजना पर भी दिखने लगा है। साउथ दिल्ली के नेहरू नगर स्थित प्रताप कैंप में चल रही पहली अटल कैंटीन समेत शहर की कई कैंटीनें गैस की कमी के कारण बंद कर दी गई हैं।
जानकारी के अनुसार, कालकाजी और आईटीओ के पास अन्ना नगर स्थित कैंटीनें भी बंद रहीं। इन कैंटीनों के बाहर लगाए गए नोटिस में स्पष्ट लिखा गया कि गैस उपलब्ध होने तक सेवाएं बंद रहेंगी।
सस्ती थाली पर संकट
अटल कैंटीनों में लोगों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता था। इसमें चावल, रोटी, दाल, सब्जी और अचार शामिल होता है।
लेकिन हाल के दिनों में भोजन की गुणवत्ता और मात्रा भी प्रभावित हुई। कई जगहों पर अंतिम दिनों में केवल चावल और दाल ही परोसी गई।
इन कैंटीनों पर रोजाना बड़ी संख्या में मजदूर, रिक्शा चालक और दिहाड़ी कामगार निर्भर रहते हैं। कैंटीन बंद होने से उन्हें महंगे भोजन का सहारा लेना पड़ रहा है।
एक मजदूर ने बताया कि कैंटीन बंद होने के बाद उसे होटल में खाना खाना पड़ रहा है, जिससे खर्च बढ़ गया है। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि गैस की कीमतें बढ़ने से वे खुद खाना भी नहीं बना पा रहे हैं।
गैस की कमी बनी वजह
डीयूएसआईबी के अधिकारियों के अनुसार, जिन कैंटीनों का संचालन निजी एजेंसियां कर रही थीं, उनके पास कमर्शियल गैस कनेक्शन था। सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के कारण कमर्शियल गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे कैंटीनों का संचालन रुक गया।
कैंटीन संचालकों के अनुसार एक कैंटीन को रोजाना 7 से 8 एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, लेकिन फिलहाल उन्हें पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही है।
कुछ संचालकों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन अभी तक वह उपलब्ध नहीं हो सका है।
सरकार ने दिया आश्वासन
डीयूएसआईबी के अधिकारियों ने बताया कि तेल कंपनियों के साथ बैठक की गई है और जल्द ही गैस की आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि कैंटीनों का संचालन जल्द से जल्द सामान्य किया जाए।
सरकार का कहना है कि अटल कैंटीन योजना का उद्देश्य शहर में आने वाले मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक सस्ता भोजन उपलब्ध कराना है और इस सेवा को जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

















