बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। सोमवार शाम मैमनसिंह जिले में एक हिंदू युवक बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह उसी इलाके में हुआ है जहां पिछले दिनों दीपू चंद्र दास की सामूहिक पिटाई से हत्या हुई थी। इस तरह दो हफ्तों के भीतर यह तीसरा घातक मामला है।
ताजा मामले में पीड़ित बजेंद्र बिस्वास एक गारमेंट फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड थे। उन पर गोली चलाने का आरोप उनके सहकर्मी और साथ रहने वाले नोमान मियां पर है जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना भालुका उपजिला स्थित सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड नामक फैक्ट्री परिसर में हुई।
मजाक में चला दी गोली
घटना की जानकारी देते हुए पुलिस और मौके के चश्मदीदों ने बताया कि दोनों के बीच बातचीत के दौरान नोमान मियां ने मजाकिया अंदाज में बिस्वास पर सरकारी शॉटगन तान दी। इसी दौरान हथियार से गोली चल गई जो बिस्वास की जांघ में लगी। गंभीर रूप से घायल बिस्वास को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हथियार जब्त कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और कानूनी कार्रवाई जारी है। इस घटना ने पहले से तनावग्रस्त भालुका इलाके की स्थिति को और अधिक भयावह बना दिया है।
बांग्लादेश के इसी इलाके में 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की सामूहिक हत्या हुई थी। हत्या के बाद दीपू को पेड़ से लटका कर आग लगा दिया गया था। इन लगातार हो रही घटनाओं से अल्पसंख्यक समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।



















