Highlights:
• तेजस्वी यादव ने चुनाव के दौरान महिलाओं को पैसे दिए जाने को बताया चुनावी लाभ का तरीका
• चुनाव आयोग की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए इसे रिश्वत देने जैसा कदम कहा
• महागठबंधन ने अपने घोषणापत्र में कई बड़े सामाजिक और आर्थिक वादे किए
बिहार विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान ही 10 लाख महिलाओं को ‘मुख्यमंत्री उन्नति बेटी योजना’ के तहत पैसा दिया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, तब इस तरह आर्थिक लाभ देना चुनाव आयोग की नैतिकता पर सवाल खड़े करता है।
तेजस्वी यादव का कहना है कि अगर यह राशि देना इतना जरूरी था तो 20 साल के शासन में पहले क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने कहा कि 24 तारीख को भी पैसे दिए गए। यह कदम चुनाव के समय वोटरों को प्रभावित करने के इरादे से उठाया गया है। तेजस्वी ने इसे सीधी रिश्वत बताया और कहा कि चुनाव आयोग को इस पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि ये पैसे अभी उधार की तरह दिए जा रहे हैं, बाद में बहनों और माताओं पर इसे किसी न किसी रूप में वापस लेने का दबाव बनाया जा सकता है।
आरजेडी नेता ने यह भी कहा कि बिहार को बाहरी लोग अपना उपनिवेश बनाना चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस चुनाव को बिहार के भविष्य का चुनाव मानते हुए बदलाव का मौका दें। तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर इन लोगों की सरकार फिर से बनी तो राज्य एक बार फिर पिछड़ जाएगा, जबकि 20 साल से सत्ता में होने के बावजूद बिहार को विकास के असली अवसर नहीं मिले।
महागठबंधन ने हाल ही में अपना घोषणापत्र जारी किया है, जिसे ‘तेजस्वी प्रण’ नाम दिया गया है। इसमें हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, महिलाओं को 2,500 रुपये मासिक सहायता देने और हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा शामिल है।


















