योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को बयान देते हुए कहा कि भाजपा के कार्यक्रम में वंदे मातरम का कोई विरोध नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि जो इसका विरोध करता है, उसे कान पकड़कर बाहर कर देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का विरोध करने वालों को हिंदुस्तान की धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग बाबर को सजदा करते हैं और वंदे मातरम का विरोध करते हैं। उन्होंने माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने वालों पर भी टिप्पणी की और कहा कि ऐसे लोगों को वहीं जाना चाहिए जहां इस तरह की सोच को समर्थन मिलता हो।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर, काशी और मथुरा के विकास कार्यों का भी विरोध किया गया। जन्माष्टमी जैसे पर्वों को लेकर भी पूर्व में प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि गाजी के मेले का समर्थन करने वालों को यह भी याद रखना चाहिए कि गाजी को हराने वाले वीर राजा सुहेलदेव का स्मारक उनकी सरकार ने बनवाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार सदन में प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया है। यह विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और भारत के विकास इंजन को लीड कर रहा है।
सीएम योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय माफिया और गुंडे समानांतर सरकार चलाते थे। कानून कुछ लोगों की जागीर बन गया था और दंगे व कर्फ्यू आम बात थे। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की छवि बदल चुकी है और उत्तर प्रदेश उत्सव प्रदेश के रूप में पहचाना जा रहा है।
उन्होंने पुलिस भर्ती और महिला सशक्तिकरण के आंकड़े भी प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक दो लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण क्षमता में भी कई गुना वृद्धि की गई है और हर जिले में आधुनिक बैरक बनाए गए हैं।
















