इंदौर शहर के भागीरथपुरा सहित कई इलाकों में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण गंभीर हालात पैदा हो गए हैं। बीते दिनों में बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े हैं और दर्जनों मासूमों की मौत की खबरों ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह त्रासदी प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा है, जिसे सीधे तौर पर रोका जा सकता था।
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस का कहना है कि दूषित पानी की शिकायतें लगातार दर्ज कराई गईं, लेकिन इसके बावजूद न तो पानी की सप्लाई रोकी गई, न ही वैकल्पिक स्वच्छ जल की व्यवस्था की गई और न ही प्रभावित लोगों को समय पर सुरक्षा और समुचित इलाज मुहैया कराया गया। संगठन ने इसे नागरिकों के जीवन के अधिकार का खुला उल्लंघन बताया है। युवा कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार और नगर निगम ने समय रहते कदम नहीं उठाए, जिससे हालात और बिगड़ते चले गए।
युवा कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी शहरी विकास विभाग पर तय की है। संगठन का कहना है कि नगर निगम, जल आपूर्ति और सीवेज जैसी मूलभूत शहरी व्यवस्थाएं शहरी विकास विभाग के अंतर्गत आती हैं, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय मंत्री और उसी विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैलाश विजयवर्गीय के पास है। इसलिए इस घटना की प्रशासनिक, राजनीतिक और नैतिक जवाबदेही सीधे उन्हीं पर आती है। युवा कांग्रेस ने मांग की है कि नैतिकता के आधार पर कैलाश विजयवर्गीय को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
इसी मांग को लेकर मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने इंदौर में शुक्रवार से सत्याग्रह की शुरुआत की थी। यह सत्याग्रह लगातार सात दिनों तक चला और आज इसका समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी, प्रदेश प्रभारी युवा कांग्रेस शिवि चौहान, सह प्रभारी रुपेश भदौरिया, प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया, संगठन प्रभारी चेतन सिंह चौधरी, शहर अध्यक्ष अमित पटेल, जिला अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष दादू सिंह चौहान और अभिज्ञान शुक्ला मौजूद रहे।
नेताओं ने सत्याग्रह के दौरान कहा कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक जनता को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रभावित इलाकों में तत्काल स्वच्छ पेयजल, बेहतर चिकित्सा सुविधा और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

















