कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने एक बार फिर विवाद को जन्म दे दिया है। उन्होंने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि सेना के अधिकारियों पर सरकार के पक्ष में बोलने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे बेहद डरावनी स्थिति बताया।
रेणुका चौधरी का कहना है कि सेना के लोग मजबूरी में बयान दे रहे हैं और यह किसी भी लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उनके अनुसार यह हालात बेहद खतरनाक दिशा की ओर इशारा करते हैं और इस पर गंभीर चर्चा की जरूरत है।
भाजपा ने इस बयान को तुरंत खारिज कर दिया। भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा कि रेणुका चौधरी का आरोप दुर्भावनापूर्ण है और इससे देश की सैन्य संस्थाओं पर अनावश्यक सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा सेना पर टिप्पणी करके माहौल खराब करने की कोशिश करती है। केसवन ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा से सेना विरोधी रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी कांग्रेस के नेताओं ने सेना प्रमुख पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
रेणुका चौधरी पिछले दिनों भी चर्चा में आई थीं। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन वह एक कुत्ता लेकर संसद भवन परिसर पहुंच गई थीं। इस कदम को लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ी नाराजगी जताई थी। मीडिया ने जब उनसे इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि जानवर से किसी को नुकसान नहीं होता। उन्होंने तंज किया कि असली खतरा उन लोगों से है जो संसद के भीतर बैठे हैं और दूसरों को चोट पहुंचाते हैं। उस बयान के बाद भी काफी हंगामा हुआ था और अब उनके नए बयान ने राजनीति को फिर गर्म कर दिया है।





















