पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में करीब एक साल बाद राष्ट्रपति शासन समाप्त कर दिया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने यह अहम आदेश जारी किया। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
राष्ट्रपति शासन हटने के तुरंत बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। NDA विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह आज बुधवार को मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। प्रदेश भाजपा ने इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की है।
मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण का कार्यक्रम राजधानी इंफाल स्थित लोक भवन में शाम छह बजे होगा। इस समारोह को लेकर सुबह से ही तैयारियां जारी हैं और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
भाजपा की मणिपुर इकाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व में राज्य शांति विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ेगा। पार्टी ने इसे मणिपुर के लिए स्थिरता और प्रगति की नई शुरुआत बताया है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। बीते कई महीनों से यहां राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव का माहौल बना हुआ था। ऐसे में नई सरकार के गठन से हालात सुधरने की उम्मीद जताई जा रही है।
वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व में NDA के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इस प्रतिनिधिमंडल में कुकी जो बहुल चुराचांदपुर और फेरजॉल जिलों के दो विधायक भी शामिल थे।
नवनियुक्त मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह मेइतेई समुदाय से आते हैं। उनके साथ शपथ लेने वाले दोनों उप मुख्यमंत्री अलग अलग जनजातीय समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं। नेमचा किपगेन कुकी समुदाय से हैं जबकि लोसी दिखो नागा जनजाति से ताल्लुक रखते हैं।




















