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Thursday, February 5, 2026
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Kaun Banega Mumbai ka Mayor? BMC में शिंदे की चाल से बढ़ी BJP की टेंशन

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Kaun Banega Mumbai ka Mayor? मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के नतीजों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुंबई का अगला मेयर कौन बनेगा। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार हर हाल में मुंबई पर कब्जा जमाने का लक्ष्य रखा था और 89 सीटें जीतकर वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

हालांकि बहुमत से अभी भी दूर बीजेपी की मजबूरी अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए राजनीतिक ताकत में बदलती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट अब मेयर पद को लेकर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है।

बीजेपी को BMC में बहुमत के लिए 114 पार्षदों की जरूरत है। मौजूदा समीकरणों में बीजेपी के पास 89 सीटें हैं, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना के 29 पार्षद जीतकर आए हैं। इसके अलावा उद्धव ठाकरे गुट को 65 सीटें और मनसे को 6 सीटें मिली हैं।

साफ है कि शिंदे गुट के समर्थन के बिना बीजेपी बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकती। इसी मजबूरी को भांपते हुए शिंदे सेना अब सौदेबाजी की मुद्रा में नजर आ रही है।

ढाई साल के कार्यकाल की मांग रख सकता है शिंदे गुट

सूत्रों के अनुसार, शिंदे गुट की ओर से मेयर पद पर ढाई साल के कार्यकाल की मांग रखी जा सकती है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि यह वर्ष शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का जन्मशताब्दी वर्ष है और उनकी इच्छा के अनुरूप मुंबई का मेयर शिवसेना से होना चाहिए। इसके साथ ही शिंदे गुट स्थायी समिति के अध्यक्ष पद और अन्य अहम पदों पर भी अपना दावा ठोक सकता है।

राजनीतिक हलचल उस वक्त और तेज हो गई जब एकनाथ शिंदे ने अपने सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में ठहराने का फैसला किया। सत्ता गठन की प्रक्रिया पूरी होने तक सभी पार्षदों को एक साथ रखने की इस रणनीति को होटल पॉलिटिक्स के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह कदम बीजेपी पर दबाव बनाने और अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए उठाया गया है।

महायुति का ही मेयर बनेगा – सीएम देवेंद्र फडणवीस

मेयर पद को लेकर चल रही खींचतान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमें पूर्ण बहुमत मिला है। ऊपर वाले ने तय किया है कि मुंबई में महायुति का ही मेयर बनेगा। शिंदे साहब और हम बैठकर सभी मुद्दों पर फैसला करेंगे और मुंबई को बेहतर तरीके से चलाएंगे।

होटल में पार्षदों को रखने के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि जैसे बीजेपी ने अपने पार्षदों को एकजुट रखा है, वैसे ही शिंदे गुट ने भी किया होगा और अब किसी तरह की तोड़फोड़ की जरूरत नहीं है।

कुल मिलाकर, BMC में सत्ता का गणित पूरी तरह शिंदे गुट के समर्थन पर टिका हुआ है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि बीजेपी अपनी सबसे बड़ी पार्टी होने का फायदा उठाती है या फिर शिंदे की शर्तों के आगे झुककर मुंबई का मेयर पद शिवसेना को सौंपती है।

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