इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में भी दूषित पानी से बीमारी फैलने का मामला सामने आया है। गांधीनगर के कई इलाकों में टाइफाइड के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। स्वास्थ्य जांच में पाया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों का पीने का पानी सुरक्षित नहीं है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, गांधीनगर सिविल अस्पताल में बच्चों समेत 104 संदिग्ध टाइफाइड मरीजों को भर्ती कराया गया है। बीते तीन दिनों में मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाल चिकित्सा वार्ड में बड़ी संख्या में बच्चों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है, हालांकि सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi ने शनिवार को गांधीनगर सिविल अस्पताल पहुंचकर हालात की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों और उनके परिजनों के लिए भोजन और जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की गई है।
गृहमंत्री अमित शाह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से फोन पर कई बार हालात की जानकारी ली है। प्रशासन का कहना है कि इलाज के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है।
गांधीनगर सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीता पारिख के अनुसार, सेक्टर 24, 25, 26, 28 और आदिवाड़ा क्षेत्र से बड़ी संख्या में मरीज सामने आए हैं। इन इलाकों से पानी के नमूने लिए गए थे, जिनकी जांच में पीने का पानी असुरक्षित पाया गया। इसके बाद नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है और लोगों को क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं। साथ ही पानी की टंकियों की सफाई पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।





















