बचपन से हम सुनते आए हैं कि तांबे के बर्तन में रखा पानी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। आज यही आदत एक ट्रेंड बन गई है और लोग पूरे दिन कॉपर बोतल से पानी पीते हैं। लेकिन क्या यह आदत वाकई सुरक्षित है?
डॉक्टर्स का कहना है कि कॉपर बोतल का गलत इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदेह बन सकता है। अगर कॉपर ज्यादा मात्रा में शरीर में जाए तो यह टॉक्सिक बिल्डअप कर सकता है जो कई तरह की दिक्कतें पैदा करता है। इसलिए इसके इस्तेमाल में सावधानी बेहद जरूरी है।
नींबू पानी के करता है रिएक्शन
डॉक्टर्स बताते हैं कि सबसे बड़ी गलती है कॉपर बॉटल में नींबू पानी या जीरा पानी जैसे एसिडिक ड्रिंक्स स्टोर करना। एसिड कॉपर के साथ रिएक्ट करता है और पानी में हानिकारक केमिकल्स घुल सकते हैं। इसलिए तांबे की बोतल का उपयोग सिर्फ सादा पानी रखने के लिए ही किया जाना चाहिए। एसिडिक पेय पदार्थ किसी भी हाल में तांबे के बर्तन में नहीं रखने चाहिए।
उबला हुआ पानी रखना नुकसानदायक
डॉक्टर्स के अनुसार, दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि तांबे की बोतल में गर्म या उबलता हुआ पानी रखने से बचना चाहिए। गर्म पानी कॉपर लीचिंग को बढ़ा देता है यानी पानी में तांबे का स्तर जरूरत से ज्यादा हो जाता है। ऐसा पानी लंबे समय तक पीने से शरीर में टॉक्सिसिटी बढ़ सकती है।
ज्यादा कॉपर लेना हानिकारक
कई लोग पूरे दिन कॉपर बॉटल से ही पानी पीते रहते हैं और इसे हर जगह साथ लेकर घूमते हैं। यह आदत भी गलत है क्योंकि शरीर को बहुत कम मात्रा में कॉपर की जरूरत होती है। लगातार कॉपर युक्त पानी पीने से शरीर में मेटल इकट्ठा हो सकता है। इसलिए तांबे के पानी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
ठीक से सफाई जरूरी
एक और आम गलती है कॉपर बॉटल को ठीक से साफ न करना। समय के साथ बोतल पर हरी परत जमने लगती है जो ऑक्सीडेशन का संकेत होता है। सिर्फ पानी से रिंस करना काफी नहीं है। बोतल की अंदरूनी सतह को नियमित रूप से नींबू, बेकिंग सोडा या विशेष क्लीनर से साफ करना जरूरी है ताकि यह हाइजीनिक बनी रहे।





















