Child School Admission Right Age: Early Learning आज हर पैरेंट का केंद्र बन गया है। माता पिता चाहते हैं कि बच्चा जल्दी सीखे और जल्दी स्कूल जाए। इसी इच्छा में कई बार जल्दबाजी हो जाती है। बच्चा तैयार न होने के बावजूद उसे स्कूल भेज दिया जाता है। इसकी वजह से बच्चा असहज महसूस करता है। वह स्कूल में खुद को सुरक्षित नहीं पाता। यही वजह है कि विशेषज्ञ सही उम्र पर जोर देते हैं।
Child Growth के अनुसार हर बच्चे का विकास अलग होता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि प्ले स्कूल की सही उम्र ढाई साल से तीन साल के बीच होती है। बच्चा अगर बोलने लगा हो और अपनी जरूरतें बता पा रहा हो तो वह स्कूल के लिए तैयार माना जाता है। इस उम्र में उसका दिमाग तेजी से विकसित होता है। वह चीजें जल्दी सीखता है। शिक्षक और दूसरे बच्चों से जुड़ाव भी आसान होता है।
प्ले स्कूल का असर
Parents अक्सर गलती कर देते हैं। वे बच्चों को प्ले स्कूल छोड़कर सीधे नर्सरी में भेज देते हैं। यह कदम बच्चे के लिए भारी हो जाता है। नर्सरी में पढ़ाई और गतिविधियां अधिक होती हैं। बच्चा प्ले स्कूल की बुनियाद से वंचित रह जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चे को प्ले स्कूल से शुरुआत करनी चाहिए। इससे उसका मानसिक विकास बेहतर होता है। वह दूसरों से घुलने मिलने लगता है। उसकी Communication Skill मजबूत होती है।
प्ले स्कूल में बच्चा खेल के साथ सीखता है। उसे मजा आता है। वह नई चीजें अपनाने लगता है। कई बच्चे जो कम बोलते हैं वे भी एक्टिव हो जाते हैं। सामाजिक विकास भी इसी समय मजबूत होता है। माता पिता को इस उम्र में बच्चे की हर गतिविधि को देखना चाहिए। इससे उनकी ग्रोथ को समझना आसान होता है। बच्चा अचानक स्कूल जाने से डरेगा नहीं। उसे सुरक्षित लगेगा। स्कूल उसके लिए मजेदार जगह बन जाएगी।
Parents को चाहिए कि वे बच्चे पर दबाव न डालें। टीचर का डर न दिखाएं। यह गलत तरीका है। बच्चा स्कूल से दूर भागने लगता है। उसकी Learning Ability कमजोर होती है। सही उम्र सही माहौल और सही शुरुआत उसकी जिंदगी को बेहतर दिशा देती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि Early Childhood का दौर बेहद महत्वपूर्ण है। इस समय की जाने वाली सही तैयारी उसके भविष्य को मजबूत बनाती है।





















