Patna Zoo Toy Train: पटना जू में करीब 11 साल बाद टॉय ट्रेन फिर चलाने की तैयारी है। नए ट्रैक का सर्वे और रास्ते की मार्किंग पूरी हो चुकी है। पटरी बिछाने का काम एक सप्ताह में शुरू करने की योजना है। ट्रेन को जनवरी 2027 से चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
नई ट्रेन समस्तीपुर स्थित रेल कारखाने में बनेगी। इसका डिजाइन वंदे भारत एक्सप्रेस जैसा रखने की योजना है। ट्रेन में एक इंजन और चार डिब्बे होंगे। निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
ट्रैक के लिए रास्ते की मार्किंग पूरी
ट्रैक बिछाने से पहले जू परिसर में रास्ते का दोबारा सर्वे कराया गया, ताकि पेड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना ट्रेन के लिए उपयुक्त मार्ग तय किया जा सके। सर्वे के बाद रास्ते की मार्किंग कर दी गई है। ट्रैक पेड़ों के पास से गुजरेगा, ताकि परिसर की हरियाली और कुसुम सहित अन्य पेड़ों को यथावत रखा जा सके। रास्ते में आई झाड़ियों को साफ किया गया है और पुरानी पटरी उखाड़ ली गई है। पुरानी रेलवे पटरी के कुछ हिस्सों को नई योजना में दोबारा इस्तेमाल करने की तैयारी है।
ट्रैक की रूपरेखा तय करते समय ट्रेन के मोड़ के लिए पर्याप्त जगह जुटाना तकनीकी चुनौती रही। रिपोर्ट के मुताबिक, मोड़ के लिए करीब 60 डिग्री का घुमाव जरूरी था। जू में चार जगह इसके लिए स्थान तय करने में दिक्कत आई, जिसे दोबारा सर्वे के दौरान दूर किया गया। इसके बाद मार्ग की मार्किंग पूरी हुई।
2015 में बंद हुई थी टॉय ट्रेन
पटना जू में पहले टॉय ट्रेन चलती थी, लेकिन बार-बार पटरी से उतरने की घटनाओं के बाद 2015 में इसका संचालन बंद कर दिया गया था। अब पुराने ट्रैक को हटाकर नई व्यवस्था बनाने की तैयारी है। समस्तीपुर रेल कारखाने को ट्रेन का निर्माण और डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। सर्वे, टेंडर और मार्ग की पहचान का काम पूरा बताया गया है। अगला चरण पटरी बिछाने और ट्रेन बनाने का है। जनवरी 2027 से संचालन शुरू करने का लक्ष्य है; यह शुरुआत की पक्की तारीख नहीं है।




















