Amit Shah Madhya Pradesh: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक की प्रक्रिया तीन साल के भीतर पूरी कर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य है। उन्होंने मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाने की बात भी कही।
शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नए कानून नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की रक्षा पर केंद्रित हैं। इनका उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करना है।
नए कानूनों में तीन साल के भीतर न्याय का लक्ष्य
शाह ने कहा कि नए कानूनों के तहत एफआईआर से सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक की प्रक्रिया तीन साल में पूरी करने और दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य है। उन्होंने पुरानी व्यवस्था को लंबी अदालती तारीखों से जोड़ते हुए कहा कि पहले के कानून औपनिवेशिक शासन के हितों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। नए कानूनों को उन्होंने नागरिक-केंद्रित बताया।
2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त करने का लक्ष्य
शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 से पहले नशीले पदार्थों से मुक्त करने की दिशा में काम करना है। उन्होंने इस उद्देश्य के लिए विस्तृत योजना तैयार करने की बात कही।
डेयरी क्षेत्र में सहकारी संस्थाओं और प्लांट की योजनाएं
भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय पशुपालक सम्मेलन में शाह ने ‘श्वेत क्रांति 2.0’ का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इस पहल के तहत देश के गांवों में 75 हजार नई सहकारी डेयरियां स्थापित करने की योजना है और इनमें सबसे अधिक संख्या मध्य प्रदेश के लिए प्रस्तावित है।
शाह ने राज्य की डेयरी परियोजनाओं की जानकारी देते हुए उज्जैन में प्रतिदिन तीन लाख लीटर दूध प्रसंस्करण क्षमता वाले 255 करोड़ रुपये के प्लांट और भोपाल में 17 करोड़ रुपये के प्रोसेसिंग प्लांट का उल्लेख किया।

















