Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए भी राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम को देखते हुए नौ जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं, भूस्खलन और सड़क क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं के चलते कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, टिहरी, हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
बारिश के कारण प्रदेश में बड़ी संख्या में सड़कें बंद हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, सबसे अधिक 32 सड़कें पौड़ी जिले में बंद हैं। इसके अलावा देहरादून में 27, चमोली में 25, टिहरी में 24, पिथौरागढ़ में 24 और बागेश्वर में 17 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार दोपहर तक 194 सड़कें बंद थीं, जिनमें से देर शाम तक करीब 40 मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया गया।
यमुनोत्री धाम मार्ग भी बारिश से प्रभावित हुआ है। स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे का लगभग 100 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क संपर्क टूटने की सूचना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग से प्रदेशभर की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली तथा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
गुरुवार को हुई भारी बारिश के दौरान टिहरी जिले के कद्दूखाल क्षेत्र में भूस्खलन की वजह से एक निर्माणाधीन होटल ढह गया। वहीं भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर बोल्डर गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। हरिद्वार के पुरुषार्थी मार्केट में मकान की छत गिरने के बाद फंसे चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ज्वालापुर में भूमि कटाव के कारण आठ मकान खतरे की जद में आ गए, जबकि भूपतवाला क्षेत्र में सड़क धंसने से दो दोपहिया वाहन और एक कार फंस गई।
देहरादून जिले में भी कई स्थानों पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित रहा। किमाड़ी-लंबीधार मोटर मार्ग करीब पांच घंटे तक बंद रहा। सहस्रधारा-चामासारी मार्ग पर सड़क धंसने और मलबा आने से लगभग 1,500 परिवारों का संपर्क प्रभावित हुआ है। इसके अलावा जौनसार-बावर क्षेत्र की कई ग्रामीण सड़कों पर भी आवागमन बाधित है।
मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रुड़की उपकारागार के बाहरी परिसर में पानी भर जाने के बाद निकासी के लिए पंप लगाए गए। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।















