बिहार की राजनीति में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को राज्य सरकार की ओर से बंगला खाली करने का नोटिस दिए जाने के बाद मामला और गर्मा गया है।
शनिवार को राबड़ी देवी ने साफ शब्दों में कहा था कि वह किसी भी हालत में आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि चाहे फोर्स बुला ली जाए, लेकिन वह बंगला नहीं छोड़ेंगी। उनके इस बयान के कुछ घंटे बाद ही पटना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंच गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी आवास के भीतर गईं और राबड़ी देवी से बातचीत की। हालांकि दोनों के बीच क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि प्रशासन की ओर से उन्हें नए आवास में स्थानांतरित होने को लेकर समझाने का प्रयास किया गया।
क्या है पूरा विवाद?
राज्य सरकार ने हाल ही में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास मंत्री को आवंटित किया है। इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का नोटिस भेजा था।
सरकार ने इससे पहले भी कई बार नोटिस जारी किए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था, लेकिन वह अब भी पुराने आवास में रह रही हैं।
आरजेडी और भाजपा आमने-सामने
आरजेडी ने सरकार के कदम का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं से जुड़ा मुद्दा बताया है। पार्टी का कहना है कि राबड़ी देवी पिछले दो दशकों से इस आवास में रह रही हैं और वह आज भी संवैधानिक पद पर हैं।
वहीं बिहार भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी आवास किसी व्यक्ति या परिवार की निजी संपत्ति नहीं होता। उन्होंने कहा कि आवासों का आवंटन और पुनः आवंटन नियमों के तहत होता है और सभी को कानून का पालन करना चाहिए।
पटना में नहीं हैं लालू यादव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आरजेडी प्रमुख फिलहाल पटना में मौजूद नहीं हैं। वह स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर गए हुए हैं।

















