संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को भी दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिला। राज्यसभा में विपक्षी दलों की नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब नहीं सुनना चाहती तो यह उसका अधिकार है, लेकिन अन्य विपक्षी दल और सांसद प्रधानमंत्री का पक्ष सुनना चाहते हैं।
कांग्रेस और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा संसद का उच्च सदन है और यहां कार्यवाही नियमों के अनुसार चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे को राहुल गांधी से बात कर उन्हें समझाना चाहिए, ताकि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके।
रिजिजू ने यह भी कहा कि बीते चार दिनों से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है और ऐसे में आज राज्यसभा में लोकसभा की कार्यवाही पर चर्चा करना उचित नहीं है। सरकार का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर कार्यवाही बाधित कर रहा है।
लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी स्थिति तनावपूर्ण रही। सदन के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने का मौका न मिलने का मुद्दा उठाया और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम विषय पर चर्चा की मांग की।
इस पर राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन और सदन के नेता जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि लोकसभा की कार्यवाही से जुड़े मुद्दों पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष लोकसभा में चर्चा चाहता है तो उसे अपने दल के नेताओं से संवाद करना चाहिए।
उधर लोकसभा में भी गतिरोध बना रहा। स्पीकर ओम बिरला ने लगातार हो रहे हंगामे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है और मौजूदा हालात में कार्यवाही चलाना संभव नहीं है। स्थिति को देखते हुए स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।



















