मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि राज्य सरकार यहां भोपाल गैस त्रासदी में मारे गए लोगों की याद में एक मेमोरियल बनाने की योजना पर काम कर रही है। सीएम ने इस संबंध में भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर चर्चा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को विश्वास में लेकर और हाई कोर्ट के सुझावों के आधार पर इस स्थल पर मेमोरियल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2 और 3 दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव से कम से कम 5,479 लोगों की मौत हुई थी, जबकि हजारों लोग स्थायी रूप से अपंग हो गए थे। इसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में से एक माना जाता है।
राहुल गांधी से माफी की मांग
इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी से माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि उस समय की सरकार ने इस पूरे क्षेत्र को लावारिस छोड़ दिया और फैक्ट्री में मौजूद जहरीले कचरे को हटाने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके चलते यह इलाका वर्षों तक भूतिया बना रहा।
सीएम ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को भगाने का काम कांग्रेस सरकार ने किया और पीड़ितों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस ऐतिहासिक भूल के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
‘विश्व के लिए मिसाल है सरकार की कार्रवाई’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर कदम पर गैस पीड़ितों के साथ खड़ी है और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में मौजूद जहरीले कचरे को हटाया गया है। यह कदम न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।
इस यात्रा के दौरान मोहन यादव ने यह भी बताया कि सरकार भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। शहरों के भीतर बुनियादी ढांचे, परिवहन और शहरी सुविधाओं के विकास पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

















