अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के खिलाफ किसी भी तरह की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ या बड़े सैन्य ऑपरेशन की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolas Maduro को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में पकड़े जाने के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज है और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुतिन के मामले में किसी सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप की नाराजगी
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky की ओर से दिए गए एक संकेतात्मक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि रूस के खिलाफ किसी सैन्य कदम की आवश्यकता होगी। ट्रंप के अनुसार अमेरिका और रूस के बीच रिश्ते आगे भी अच्छे रहेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के लंबे खिंचने से वे बेहद निराश हैं।
तेल और गैस क्षेत्र के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में ट्रंप ने कहा कि वे अब तक कई अंतरराष्ट्रीय संघर्ष सुलझा चुके हैं और उन्हें उम्मीद थी कि यूक्रेन युद्ध भी जल्द खत्म हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि केवल पिछले एक महीने में ही इस युद्ध में लगभग 31 हजार लोगों की जान गई है जिनमें बड़ी संख्या रूसी सैनिकों की है। ट्रंप ने इस स्थिति को अस्वीकार्य बताया और युद्ध को जल्द समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में उबाल
पिछले सप्ताह अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में एक बड़े सैन्य ऑपरेशन को अंजाम देते हुए राष्ट्रपति मादुरो को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद जेलेंस्की के बयान को कई विश्लेषकों ने पुतिन की ओर इशारा माना क्योंकि पुतिन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय का वारंट पहले से मौजूद है। हालांकि ट्रंप ने साफ कर दिया कि रूस के मामले में ऐसा कोई कदम उनकी नीति का हिस्सा नहीं है।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के भविष्य को उसके विशाल तेल भंडार से जोड़कर देखा है। ट्रंप ने अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों को वहां निवेश का खुला निमंत्रण दिया है और सुरक्षा की गारंटी भी दी है। उनका दावा है कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला में 100 अरब डॉलर तक का निवेश कर सकती हैं।
दूसरी ओर काराकस की सड़कों पर इस कार्रवाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमेरिका का असली मकसद वेनेजुएला के संसाधनों पर कब्जा करना है।




















