India–US Trade Tension: भारत और अमेरिका के बीच संभावित टैरिफ डील को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री Howard Lutnick ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से राष्ट्रपति Donald Trump को फोन न किए जाने के कारण यह डील आगे नहीं बढ़ सकी। लुटनिक के इस बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब ट्रंप भारत पर टैरिफ बढ़ाने के संकेत दे चुके हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले पर भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पॉडकास्ट में किया खुलासा
एक हालिया बातचीत में ऑल-इन पॉडकास्ट (All-In Podcast) पर हॉवर्ड लुटनिक ने भारत से जुड़ा पूरा घटनाक्रम साझा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सबसे पहले ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौता किया था और यह साफ कर दिया गया था कि सीमित समय में जो देश पहले सहमति देगा, वही बेहतर शर्तों वाली डील हासिल करेगा। लुटनिक के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप डील को सीढ़ियों की तरह देखते हैं। जो पहले आता है, उसे सबसे फायदेमंद शर्तें मिलती हैं।
लुटनिक ने बताया कि अमेरिका ने कई देशों को स्पष्ट समय-सीमा दी थी। ब्रिटेन ने तय वक्त में हामी भर दी, इसलिए उसे पहली और बेहतर डील मिली। इसके बाद कई देशों ने वही शर्तें चाहीं, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया कि जो मौका चूक गया, उसे वही ऑफर दोबारा नहीं मिलेगा।
अमेरिकी मंत्री के अनुसार, जब अगली डील पर चर्चा चल रही थी, तब राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार भारत का नाम लिया। लुटनिक ने कहा कि भारत को तीन शुक्रवार तक का समय दिया गया था और यह स्पष्ट कर दिया गया था कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच सीधी बातचीत जरूरी होगी। उनके अनुसार, भारत इस कॉल को लेकर असहज था और आखिरकार मोदी की ओर से फोन नहीं किया गया। तय समय निकलने के बाद अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम जैसे देशों के साथ बातचीत आगे बढ़ा दी।
पहले वाली डील अब नहीं मिलेगी
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जिस डील पर पहले सहमति बनी थी, वह अब टेबल पर नहीं है। भारत ने समय रहते फैसला नहीं लिया, इसलिए वह लाइन में पीछे चला गया। अब यदि कोई नई डील होती भी है तो उसकी शर्तें पहले जैसी नहीं होंगी।




















