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इंदौर में जहरीला पानी से फैला डायरिया, लैब रिपोर्ट से पुष्टि, भागीरथपुरा में मौतों का आंकड़ा बढ़ा

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मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी Indore में जिस आशंका से लोग डर रहे थे, वह सच साबित हो गई है। भागीरथपुरा इलाके में फैले डायरिया की वजह दूषित पेयजल ही था, जिसकी पुष्टि अब लैब रिपोर्ट से हो चुकी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर 4 मौतों की पुष्टि की है। करीब 200 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं और लगभग 1400 लोग दूषित पानी से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

लैब रिपोर्ट में हुआ खुलासा

इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी Dr. Madhav Prasad Hassani ने गुरुवार को बताया कि मेडिकल कॉलेज की लैब से आई जांच रिपोर्ट में पानी के प्रदूषित होने की पुष्टि हुई है। उनके अनुसार, भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन में लीकेज की वजह से गंदा पानी सप्लाई में मिल गया जिससे डायरिया फैल गया। हालांकि, अधिकारियों ने रिपोर्ट के विस्तृत तकनीकी पहलुओं को सार्वजनिक नहीं किया है।

पाइपलाइन लीकेज और टॉयलेट बना संकट की वजह

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, पानी की मुख्य पाइपलाइन में एक पुलिस आउटपोस्ट के पास लीकेज पाया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसी पाइपलाइन के ऊपर एक टॉयलेट का निर्माण किया गया था। यहीं से सीवेज का पानी सप्लाई लाइन में घुसने की आशंका जताई जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव Sanjay Dubey ने कहा कि पूरे इलाके की पाइपलाइन की गहन जांच की जा रही है ताकि किसी अन्य लीकेज की संभावना को खत्म किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गुरुवार को भागीरथपुरा के 1,714 घरों की जांच की गई, जिसमें 8,571 लोगों की स्क्रीनिंग हुई। इनमें से 338 लोगों में उल्टी-दस्त के हल्के लक्षण पाए गए। इन लोगों का इलाज घर पर ही किया जा रहा है। बीते 8 दिनों में कुल 272 मरीज अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। फिलहाल 201 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 32 की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्ती

यह मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री Mohan Yadav के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने एहतियातन क्षेत्र में टैंकरों के जरिए साफ पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है और लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पानी के नए सैंपल भी लिए गए हैं और उनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

एडिशनल चीफ सेक्रेट्री संजय दुबे ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना से सबक लेते हुए पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। उन्होंने माना कि यह घटना शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है।

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