पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह कदम उस दिन उठाया गया जब अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी थी। इस घटना के साथ ही एक और राजनीतिक बहस ने जोर पकड़ लिया है। कांग्रेस ने केंद्र के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से एक बयान के लिए माफी मांगने की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि राजनाथ सिंह ने पंडित जवाहरलाल नेहरू पर झूठे आरोप लगाए कि वह सरकारी पैसे से बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते थे। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी की डायरी का हवाला देते हुए कहा कि राजनाथ सिंह का दावा पूरी तरह गलत है। उन्होंने सोशल मीडिया पर डायरी के कुछ पन्ने साझा किए और कहा कि वास्तविक जानकारी और राजनाथ सिंह के बयान में साफ अंतर है।
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने संबंध बेहतर करने के लिए राजनाथ सिंह ने नेहरू पर गलत बातें कही हैं। रमेश ने कहा कि यह दावा ऐतिहासिक तथ्यों से मेल नहीं खाता और रक्षा मंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश करना राजनीति के लिए ठीक नहीं है और यह देश को गलत संदेश देता है।
गुजरात के एक कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने नेहरू पर क्या कहा था?
राजनाथ सिंह ने मंगलवार को गुजरात में एक कार्यक्रम में कहा था कि नेहरू चाहते थे कि बाबरी मस्जिद के लिए सरकारी धन का उपयोग किया जाए, लेकिन सरदार पटेल ने ऐसा होने नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा था कि पटेल की मृत्यु के बाद उनके स्मारक के लिए एकत्रित धन का उपयोग कुएं और सड़कें बनाने में किया जाना चाहिए। सिंह ने पटेल को सच्चा उदारवादी और धर्मनिरपेक्ष नेता बताया था।
अब इस बयान को लेकर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। हुमायूं कबीर के विवादित शिलान्यास के साथ नेहरू पटेल बहस का यह मुद्दा भी गरम हो गया है। कांग्रेस इसे नेहरू की छवि पर हमला बता रही है जबकि भाजपा का कहना है कि राजनाथ सिंह ने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी है।





















