MP Breaking News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बागली, देवास की जनसभा में आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी और गरीब कल्याण के एजेंडे पर जोर दिया। कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ और किसानों-युवाओं के लिए राहत व अवसरों की घोषणाएं की गईं। देवास में 34.49 करोड़ रुपये की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण हुआ। सोयाबीन किसानों के लिए 24 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से खातों में भेजे गए और 21 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का दावा दोहराया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही शीर्ष अर्थव्यवस्था बनेगा। उन्होंने बताया कि सरकार अंत्योदय और गरीब कल्याण के संकल्प पर आगे बढ़ रही है।
1 करोड़ से अधिक लाडली बहनों की वित्तीय सहायता
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। लक्ष्य है कि गरीब से गरीब का जीवन बेहतर हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों को हर महीने वित्तीय सहायता दी जा रही है। इससे महिलाओं के घर-परिवार को सीधा लाभ मिल रहा है।
डॉ. यादव मंगलवार को देवास जिले के बागली में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। रोड शो भी हुआ और बड़े स्तर पर स्वागत हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी गई।
देवास को कई नई सौगातें मिलीं। सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया। इसकी लागत 34 करोड़ 49 लाख रुपये है। मुख्यमंत्री ने भवन का अवलोकन किया और बागली के लोगों को बधाई दी।
युवाओं के लिए देवास जॉब पोर्टल शुरू
युवाओं के लिए रोजगार उपायों पर जोर दिया गया। कहा गया कि प्रदेश के 21 लाख युवाओं को अशासकीय नौकरी और रोजगार से जोड़ा गया है। देवास जॉब पोर्टल शुरू किया गया। राज्य में विभिन्न विकास कार्यों के साथ नई भर्ती प्रक्रियाएं भी जारी हैं।
किसानों के लिए राहत का ऐलान किया गया। पीला मोजेक से प्रभावित सोयाबीन किसानों को सहायता दी जा रही है। सरकार भावांतर योजना से उचित दाम सुनिश्चित कर रही है। सोयाबीन का 5328 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य दिलाने का संकल्प दोहराया गया।
देवास के 50 हजार से अधिक किसानों को सिंगल क्लिक से भुगतान किया गया। कुल 24 करोड़ रुपये सीधे खातों में अंतरित हुए। सरकार का लक्ष्य है कि किसान का नुकसान तुरंत भरा जाए और रबी सीजन के लिए तैयारी मजबूत रहे।
पशुपालन ढांचे को भी सहारा मिलेगा। सोनकच्छ क्षेत्र में 50 हजार क्षमता की गौशाला की शुरुआत होगी। बड़ी गौशालाओं के लिए 10 लाख रुपये का अनुदान तय है। इससे पशुधन और डेयरी वैल्यू चेन को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने दीपावली पर स्वदेशी उत्पाद खरीदने की अपील की।




















