बिहार विधानसभा चुनाव में RJD को मिली करारी हार के अगले ही दिन लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने का सनसनीखेज ऐलान करके सियासी हलचल बढ़ा दी है। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार से रिश्ता खत्म कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि यह सब संजय यादव और रमीज की वजह से हुआ है और इसकी जिम्मेदारी भी वह खुद लेती हैं।
तेजस्वी-संजय-रमीज पर आरोप
पटना एयरपोर्ट पहुंचीं रोहिणी आचार्य ने मीडिया से कहा कि उनका अब कोई परिवार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज ने उन्हें परिवार से बाहर कर दिया। रोहिणी ने आरोप लगाया कि इन तीनों के नाम लेने भर से उन्हें घर से निकाल दिया जाता और चप्पल से मारा जाता। उनके इस बयान ने RJD के भीतर गहरी उठापटक का संकेत दे दिया है।
कौन है रमीज?
रमीज नेमत समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता रिजवान जहीर के दामाद हैं। उन पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या और गैंगस्टर एक्ट भी शामिल है। रमीज पर 2022 में तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज की हत्या में शामिल होने का आरोप भी लगा था। बताया जाता है कि क्रिकेट के जरिये उनकी तेजस्वी यादव से नजदीकी बनी और इसी वजह से वे RJD के शीर्ष स्तरों तक पहुंच गए।
हार के बाद क्यों बढ़ी RJD की मुश्किलें?
RJD के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक रहा है। पार्टी जहां 2020 में 75 सीटें लाई थी, वहीं इस बार सिर्फ 25 पर सिमट गई। हार के बाद रोहिणी के इस कदम को पार्टी की अंदरूनी कलह से जोड़कर देखा जा रहा है।
JDU ने तेज की सरकार गठन की तैयारी
दूसरी ओर NDA ने इस चुनाव में शानदार जीत दर्ज करते हुए 202 सीटें हासिल की हैं। JDU ने सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ललन सिंह और संजय झा दिल्ली में अगली रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
क्या रोहिणी का कदम RJD में बड़े भूचाल की ओर इशारा कर रहा है?
रोहिणी के आरोपों ने तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस विवाद ने RJD की हार के बाद पार्टी में गहरी खींचतान को उजागर कर दिया है। अब देखने वाली बात यह है कि RJD इस संकट से कैसे बाहर निकलती है।


















