16.1 C
Indore
Thursday, January 15, 2026
Homeमध्यप्रदेशउज्जैन लैंड पुलिंग नीति रद्द करने पर उमा भारती हुईं गदगद, बोलीं-...

उज्जैन लैंड पुलिंग नीति रद्द करने पर उमा भारती हुईं गदगद, बोलीं- मोहन यादव ने लोकराज की मर्यादा रखी

Date:

मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार को बड़ा बयान सामने आया जब भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण संबंधी नीति को रद्द करने के फैसले की जोरदार प्रशंसा की। राजधानी भोपाल स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह निर्णय दिखाता है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव लोक राज को सबसे ऊपर रखते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तानाशाही नहीं होती, वह लोकमत से चलती है और मोहन यादव ने इसे सही मायने में निभाया है।

किसानों के लगातार विरोध के बाद राज्य सरकार ने सोमवार को सिंहस्थ क्षेत्र के लिए बनाई गई लैंड पुलिंग नीति को निरस्त कर दिया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आवास पर भारतीय किसान संघ, भाजपा नेताओं, उज्जैन के जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ चर्चा करने के बाद यह फैसला लिया। इसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग और जिला प्रशासन को आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए।

सरकार के फैसले के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम किसानों के सम्मान में उठाया गया है और आने वाले समय में दुनिया सिंहस्थ का भव्य आयोजन देखेगी। किसानों का आरोप था कि लैंड पुलिंग नीति के नाम पर उनकी जमीनें स्थायी निर्माण के लिए अधिग्रहीत की जा रही थीं, जबकि पहले सिंहस्थ के लिए केवल कुछ महीनों के लिए जमीन ली जाती थी। विरोध बढ़ने पर किसानों ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने नीति वापस नहीं ली तो वे 18 नवंबर से उज्जैन में डेरा डाल देंगे।

मुख्यमंत्री आवास में बुलाई गई बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। फैसले के बाद किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और आंदोलन को स्थगित कर दिया। सिंहस्थ हर 12 साल में उज्जैन में आयोजित होता है और 2028 में इसके आयोजन को लेकर तैयारियां चल रही हैं। सरकार इस बार स्थायी निर्माण की योजना बना रही थी, लेकिन किसानों के विरोध के बाद नीति को वापस ले लिया गया।

Related Posts

spot_img

मध्य प्रदेश