अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 100 रनों से हरा दिया। यह खिताबी मुकाबला शुक्रवार 6 फरवरी को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया, जहां भारत ने रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 विश्व कप अपने नाम किया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस ऐतिहासिक पारी के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने 80 गेंदों में 175 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और 15 छक्के जड़कर इंग्लिश गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।
वैभव सूर्यवंशी को कप्तान आयुष म्हात्रे का अच्छा साथ मिला। आयुष ने 53 रनों की उपयोगी पारी खेली। इसके अलावा वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू और कनिष्क चौहान ने भी अहम योगदान दिया, जिससे भारतीय टीम 400 रन के पार पहुंचने में सफल रही।
412 रनों का लक्ष्य इंग्लैंड पर पड़ा भारी
412 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए। हालांकि बेन डॉकिन्स ने 66 रनों की पारी खेलकर संघर्ष किया। बाद में कालेब फाल्कनर ने शानदार शतक जड़ा और 115 रन बनाए, लेकिन वह टीम को जीत के करीब नहीं ले जा सके।
इंग्लैंड की पूरी टीम 40.2 ओवरों में 311 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से आरएस अम्बरीष ने तीन विकेट झटके, जबकि कनिष्क चौहान और दीपेश देवेंद्रन को दो-दो सफलताएं मिलीं।
इस जीत के साथ भारत ने 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 के बाद छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती। यह भारत का लगातार छठा और कुल दसवां फाइनल था। दूसरी ओर इंग्लैंड की टीम सिर्फ एक बार 1998 में अंडर-19 विश्व कप जीत सकी है।
फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की पारी को अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिना जा रहा है। उन्होंने फाइनल में शतक जड़कर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।



















